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केंद्र की PM SHRI गाइडलाइन में ₹500-₹550 की कोई निर्धारित फीस नहीं, छत्तीसगढ़ सरकार ने 2026-27 के लिए स्थानीय शुल्क को दी मंजूरी,

प्रहरी न्यूज रायपुर – छत्तीसगढ़ के PM SHRI और स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों से लिए जा रहे स्थानीय शुल्क को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं, सवाल केवल किसी एक जिले या स्कूल का नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में लागू व्यवस्था को लेकर है,

PM SHRI योजना केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य चयनित सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर अधोसंरचना, ICT, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, खेल सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विकसित करना है, केंद्र सरकार की PM SHRI गाइडलाइन में स्कूलों के विकास और विद्यार्थियों को बेहतर सीखने का वातावरण उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न वित्तीय प्रावधान किए गए हैं,

ऐसे में अभिभावकों का सवाल है कि जब PM SHRI योजना के तहत स्कूलों और बच्चों की बेहतर सुविधाओं के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा राशि उपलब्ध कराई जा रही है, तो विद्यार्थियों से अलग-अलग मदों में स्थानीय शुल्क लेने की आवश्यकता क्यों है?

केंद्र की गाइडलाइन में ₹500 या ₹550 की फीस निर्धारित नहीं,

केंद्र सरकार की PM SHRI की Programmatic and Financial Norms में PM SHRI स्कूलों के लिए ₹500 या ₹550 जैसी कोई एक समान फीस निर्धारित नहीं की गई है, केंद्रीय दस्तावेज मुख्य रूप से योजना के अंतर्गत स्कूलों के विकास, संसाधनों और वित्तीय मानकों से संबंधित प्रावधान करता है,

वहीं PM SHRI के School Quality Assessment Framework (SQAF) में जहां लागू हो, स्कूल के Financial and Fee Administration का भी उल्लेख है, इसका अर्थ यह है कि फीस प्रशासन को लागू नियमों और नीति के अनुसार संचालित किया जाना है, न कि केंद्र ने प्रत्येक PM SHRI स्कूल के लिए कोई निश्चित फीस तय कर दी है,

केंद्र की PM SHRI Programmatic & Financial Norms

छत्तीसगढ़ सरकार ने स्थानीय शुल्क को दी मंजूरी,

छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के 14 मई 2026 के आदेश क्रमांक FINACC/5115/2026/20-1 में शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए शासकीय अनुदान प्राप्त विद्यालयों, स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों एवं PM SHRI विद्यालयों में स्थानीय शुल्क लिए जाने के संबंध में स्वीकृति दी गई है,

आदेश के अनुसार हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्तर पर अलग-अलग मदों में शुल्क निर्धारित किया गया है,

2026-27 के लिए स्वीकृत स्थानीय शुल्क

हाई स्कूल (कक्षा 9-10): ₹500

हायर सेकेंडरी (कक्षा 11-12): ₹550

इसमें कार्यकलाप, निर्धन छात्र सहायता निधि, विज्ञान क्लब निधि, कल्याण निधि, रेडक्रॉस निधि, क्रीड़ा निधि, विज्ञान प्रायोगिक शुल्क और परीक्षा शुल्क जैसी अलग-अलग मद शामिल हैं।

अभिभावकों का सवाल—जब सरकार दे रही है राशि तो बच्चों से शुल्क क्यों?

PM SHRI योजना का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाकर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराना है। ऐसे में अभिभावकों का सवाल है कि केंद्रीय योजना के तहत स्कूलों के विकास और सुविधाओं के लिए राशि उपलब्ध होने के बावजूद विद्यार्थियों से स्थानीय शुल्क क्यों लिया जा रहा है?

अभिभावक यह भी जानना चाहते हैं कि,

PM SHRI के लिए मिलने वाली केंद्रीय राशि और स्थानीय शुल्क का आपस में क्या संबंध है?

स्थानीय शुल्क की प्रत्येक मद में जमा राशि का उपयोग किस कार्य में किया जाता है?

क्या विद्यार्थियों से लिए गए शुल्क का मदवार लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाता है?

क्या पूरे प्रदेश के PM SHRI स्कूलों में शुल्क की व्यवस्था एक समान है?

क्या स्थानीय शुल्क के अतिरिक्त किसी अन्य नाम से अनिवार्य राशि ली जा सकती है?

पारदर्शिता की मांग,

यहां सवाल केवल ₹500 या ₹550 की राशि का नहीं है। मुख्य सवाल पारदर्शिता और दोहरी वित्तीय व्यवस्था की स्पष्टता का है,

यदि राज्य शासन के आदेश के अनुसार स्थानीय शुल्क लेना अधिकृत है, तो सरकार और स्कूल प्रबंधन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह शुल्क PM SHRI योजना से मिलने वाली राशि से अलग क्यों है और इससे प्राप्त राशि का उपयोग किन कार्यों में किया जाता है,

साथ ही अभिभावकों को यह भी बताया जाना चाहिए कि PM SHRI के तहत केंद्र से प्राप्त राशि का उपयोग स्कूल में किन सुविधाओं के लिए किया जा रहा है,

सरकार से स्पष्ट जवाब की जरूरत,

PM SHRI स्कूलों को लेकर अभिभावकों की अपेक्षा है कि केंद्र और राज्य की वित्तीय व्यवस्था को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाए। इससे यह भ्रम भी दूर होगा कि विद्यार्थियों से लिया जा रहा स्थानीय शुल्क PM SHRI योजना की राशि का हिस्सा है या राज्य की अलग व्यवस्था,

सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जब बच्चों की बेहतर शिक्षा और सुविधाओं के लिए PM SHRI के तहत सरकारी राशि उपलब्ध कराई जा रही है, तब विद्यार्थियों से स्थानीय शुल्क लेने का औचित्य क्या है और उस शुल्क की प्रत्येक मद में प्राप्त राशि आखिर किस काम में खर्च की जा रही है,

सवाल फीस का ही नहीं, बच्चों की शिक्षा से जुड़े सरकारी धन के पारदर्शी उपयोग का भी है,

बहरहाल – स्थानीय शुल्क से संबंधित राशि छत्तीसगढ़ शासन के 14 मई 2026 के आदेश के आधार पर दी गई है, केंद्र की PM SHRI गाइडलाइन में ₹500/₹550 की कोई केंद्रीय फीस दर निर्धारित नहीं है,

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