छुरिया की साप्ताहिक बाजार की जानी-पहचानी आवाज फिरो बाई सोनकर अब नगरवासियों के लिए करवा रही हैं धार्मिक आयोजन, 23 अप्रैल को नया बस स्टैंड में होगा भव्य कार्यक्रम,
प्रहरी न्यूज छुरिया – राजनांदगांव जिले के लखोली नाका की रहने वाली फिरो बाई सोनकर एक ऐसी महिला हैं, जिनकी पहचान उनके काम से ही नहीं बल्कि उनकी गहरी और बुलंद आवाज से भी जुड़ी हुई है,
पिछले 40 वर्षों से भी अधिक समय से वे लगातार छुरिया की साप्ताहिक बाजार में आकर सब्जी-भाजी बेचती आ रही हैं,
बाजार में जब भी उनकी आवाज गूंजती है, तो ग्राहक सहज ही समझ जाते हैं कि फिरो बाई आ गई हैं, यही आवाज उनकी पहचान बन चुकी है, जिसने उन्हें पूरे बाजार में एक अलग स्थान दिलाया है, उम्र के अंतिम पड़ाव में पहुंचने के बाद भी उनका हौसला और मेहनत आज भी पहले जैसा ही कायम है,
इसी बीच, फिरो बाई सोनकर ने अपनी एक दिल की इच्छा नगर के वरिष्ठ नागरिक और पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह (रोमी) भाटिया के सामने रखी। उन्होंने बताया कि वे जीवन में धार्मिक स्थानों पर घूमने जाना चाहती थीं, लेकिन बढ़ती उम्र और स्वास्थ्यगत कारणों से अब ऐसा कर पाना संभव नहीं है,
ऐसे में उन्होंने एक अनोखी इच्छा जताई मैं 40 साल से छुरिया से जुड़ी हूं, यहां के लोगों ने मुझे अपनापन दिया है, इसलिए मैं नगरवासियों के लिए एक धार्मिक आयोजन करवाना चाहती हूं,
फिरो बाई की इस भावना को सुनकर पूर्व नगर उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह (रोमी) भाटिया ने उनकी पहल की सराहना करते हुए तुरंत आयोजन में हर संभव सहयोग देने की बात कही, उन्होंने नगर के पार्षद टामेश कुंभकार और समाजसेवी शिव चंद्रवंशी (ग्राम पटेल) को फोन कर इस बारे में जानकारी दी, जिस पर सभी ने सहमति जताई,
इस क्रम में, फिरो बाई सोनकर और उनके स्वर्गीय पति पंचुराम सोनकर की इच्छा के अनुरूप दिनांक 23 अप्रैल 2026, दिन गुरुवार को छुरिया नया बस स्टैंड में कठोलिया के पाती जस झांकी, ग्राम घीना (अर्जुन्दा), जिला बालोद के कलाकारों द्वारा भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन रखा गया है,
इस आयोजन में छुरिया नगर और आसपास के सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की गई है,
मेहनत की कमाई से जीवन चलाने वाली फिरो बाई अब अपनी श्रद्धा और सेवा से पूरे नगर को जोड़ने का प्रयास कर रही हैं, यही सच्ची पहचान है एक कर्मयोगी महिला की है, जिसकी भावना और इच्छा की कदर होनी ही चाहिए,