प्रहरी न्यूज राजनांदगांव, छुरिया – जिले के छुरिया तहसील अंतर्गत ग्राम कल्लूटोला में शासकीय चारागाह भूमि को कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निजी नाम दर्ज कराने का मामला सामने आया है। ग्रामवासियों ने इस पूरे प्रकरण में ग्राम कोटवार और राजस्व अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कलेक्टर के जनदर्शन कार्यक्रम में शिकायत प्रस्तुत की है,
ग्रामवासियों के अनुसार, खसरा नंबर 12/2 एवं 17 की भूमि वर्षों से गांव के मवेशियों के चारागाह के रूप में उपयोग होती रही है। आरोप है कि बिना ग्राम पंचायत के प्रस्ताव, बिना सार्वजनिक घोषणा (मुनादी) और बिना ग्रामवासियों को जानकारी दिए, उक्त भूमि को सेवा भूमि के रूप में देने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। ग्रामीणों का कहना है कि इस कार्यवाही में फर्जी पंचनामा और दस्तावेज तैयार किए गए, जिन पर हस्ताक्षर भी कथित रूप से धोखे से करवाए गए,
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित कोटवार को शासन से प्रतिमाह पारिश्रमिक राशि मिल रही है, इसके बावजूद वह उसी पद के आधार पर भूमि प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है। ग्रामीणों ने इसे शासन को धोखा देने और अवैध लाभ लेने का प्रयास बताया है,
ग्रामवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि वर्ष 2016-17 में भी संबंधित कोटवार द्वारा फर्जी तरीके से बीमा राशि प्राप्त करने का मामला सामने आया था, जिसमें जांच के बाद राशि वापस ली गई थी और दंड भी दिया गया था। इस पुराने प्रकरण का हवाला देते हुए ग्रामीणों ने वर्तमान मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है,
गांव में इस मुद्दे को लेकर आक्रोश का माहौल बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच और कार्रवाई नहीं हुई, तो स्थिति बिगड़ सकती है और इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी,
प्रमुख मांगें
पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए,
फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई हो,
संबंधित कोटवार को तत्काल निलंबित/बर्खास्त किया जाए,
चारागाह भूमि को यथावत शासकीय उपयोग में रखा जाए,
बहरहाल अब देखना होगा कि जनदर्शन में उठे इस गंभीर मामले पर जिला प्रशासन कितनी तेजी से कार्रवाई करता है,