राजनांदगांव-खैरागढ़ और राजनांदगांव-मोहला-मानपुर सड़क परियोजनाओं की होगी उच्च स्तरीय जांच

प्रहरी न्यूज राजनांदगांव – लोक निर्माण विभाग (PWD) की सड़क परियोजनाओं की गुणवत्ता, अधूरे निर्माण और कथित अनियमितताओं को लेकर उठे सवालों के बाद अब विभाग ने जांच समिति गठित कर दी है, यह कार्रवाई जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राजनांदगांव के उपाध्यक्ष एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री भरत लाल वर्मा द्वारा 25 सितंबर 2026 को लोक निर्माण विभाग को की गई शिकायत के बाद हुई है,
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा 2 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में शिकायत की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, समिति को अपना प्रतिवेदन 03 दिवस के भीतर अधोहस्ताक्षरकर्ता को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं,
इन सड़क परियोजनाओं की होगी जांच
जांच के दायरे में मुख्य रूप से राजनांदगांव-खैरागढ़ सड़क एवं राजनांदगांव-मोहला-मानपुर सड़क परियोजनाएं शामिल हैं, विभागीय आदेश के अनुसार किसी स्वतंत्र संस्था से इन परियोजनाओं की उच्च स्तरीय जांच कराने का उल्लेख भी किया गया है,
जांच समिति सड़क निर्माण में उपयोग किए गए GSB, WMM, सब-ग्रेड, डामरीकरण, बिटुमिन की मात्रा, सड़क की मोटाई, घनत्व, ग्रेडेशन, लेवल और एलाइनमेंट सहित तकनीकी मानकों की प्रयोगशाला से जांच करेगी,
इसके साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कार्यपालन एजेंसी की भूमिका की भी जांच की जाएगी,
भुगतान पर रोक और कार्रवाई पर भी विचार
आदेश में यह भी कहा गया है कि जांच पूरी होने तक संबंधित कार्यों के भुगतान पर रोक लगाने के संबंध में विचार किया जाए, यदि जांच में गुणवत्ता से समझौता, वित्तीय अनियमितता अथवा भ्रष्टाचार सिद्ध होता है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने का उल्लेख आदेश में किया गया है,
वहीं डोंगरगांव-कुमरदा सहित जिन स्थानों पर सड़क उखाड़कर छोड़ दी गई है, वहां सुरक्षित आवागमन के लिए तत्काल मरम्मत, चेतावनी संकेत और वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं,
चार अधिकारियों की जांच समिति
शिकायत की जांच के लिए गठित समिति में,
श्री डी.एस. कोरम मुख्य अभियंता (योजना), कार्यालय प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग, नवा रायपुर,
श्री राजीव नशीने अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग, मंडल क्रमांक-1, रायपुर,
श्री प्रमात सक्सेना कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग, संभाग क्रमांक-2, रायपुर,
श्री सी.एस. ओगरे कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग, संभाग क्रमांक-1, रायपुर,
को शामिल किया गया है,
अब जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर
शिकायत में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और कथित गंभीर अनियमितताओं की जांच की मांग की गई थी, विभाग द्वारा जांच समिति गठित किए जाने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि समिति की तकनीकी जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं,
सड़क की गुणवत्ता, निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, संबंधित अधिकारियों और कार्य एजेंसी की भूमिका तथा भुगतान से जुड़े मामलों पर जांच रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं, इस पर अब सभी की नजर है,
लोक निर्माण विभाग के आदेश के अनुसार जांच समिति को तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है,