पांच ट्रैक्टरों में पहुंचे ग्रामीण, थाना गेट पर रोका तो ग्राम पटेल और SDOP के बीच हुई तीखी बहस, शिकायतकर्ता ने भी कहा “मैं कार्रवाई नहीं चाहता था”

प्रहरी न्यूज छुरिया – ग्राम पैरीटोला के शासकीय स्कूल में पदस्थ शिक्षक राजेस नेताम के खिलाफ एक बालक से कथित मारपीट के मामले में 22 सितंबर को दर्ज की गई FIR को लेकर गुरुवार, 24 सितंबर को ग्रामीणों का आक्रोश खुलकर सामने आया, शिक्षक के समर्थन में ग्राम पैरीटोला के सैकड़ों ग्रामीण पांच ट्रैक्टरों में सवार होकर छुरिया थाना पहुंचे, ग्रामीणों के साथ संबंधित बालक के माता-पिता भी थाना पहुंचे,
ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में हुई घटना को लेकर शिक्षक और बालक के बीच मामला आपसी तौर पर शांत हो चुका था तथा शिकायतकर्ता द्वारा लिखित रूप से कार्रवाई नहीं चाहने की बात पुलिस के समक्ष रखी गई थी, इसके बावजूद 22 सितंबर को शिक्षक के खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई, इसी कार्रवाई के विरोध में ग्रामीणों ने थाना पहुंचकर FIR निरस्त करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की,
क्या है पूरा मामला? ग्रामीणों ने बताई घटनाक्रम की पूरी कहानी
ग्रामीणों के अनुसार संबंधित बालक दो दिनों से स्कूल नहीं गया था, स्कूल में प्रार्थना के दौरान शिक्षक राजेस नेताम ने बालक से स्कूल नहीं आने का कारण पूछा, बालक ने दूसरे गांव जाने की बात कही, इसी दौरान प्रार्थना स्थल पर मौजूद एक बालिका ने शिक्षक को बताया कि बालक दूसरे गांव नहीं गया था, बल्कि गांव में लगे गणेश पंडाल के आसपास घूम रहा था,
ग्रामीणों के अनुसार इस बात पर बालक ने उक्त बालिका के साथ कथित तौर पर गंदी गाली दी, शिक्षक द्वारा उसे डांटने पर बालक ने शिक्षक के साथ भी कथित रूप से गंदी गाली दी, इसी दौरान शिक्षक ने बालक को हल्के हाथों से एक थप्पड़ मार दिया, इसके बाद बालक अपने माता-पिता को बताने की बात कहकर स्कूल से चला गया, उस समय बालक के पिता घर पर मौजूद नहीं थे,
अगले दिन पिता स्कूल पहुंचे, ग्रामीणों के अनुसार मामला वहीं शांत हो गया था,
ग्रामीणों के मुताबिक अगले दिन बालक अपने पिता के साथ स्कूल पहुंचा, पिता ने स्कूल में मौजूद बच्चों और शिक्षकों से घटना की जानकारी ली, ग्रामीणों का कहना है कि वहां मौजूद लोगों ने बताया कि बालक ने पहले एक बालिका और बाद में शिक्षक के साथ गंदी गाली-गलौज की थी,
ग्रामीणों के अनुसार इसके बाद बालक के पिता ने स्वयं अपने बेटे को दो-चार थप्पड़ लगाए और उसे समझाया कि शिक्षकों और बालिकाओं से गाली-गलौज नहीं करनी चाहिए, सभी का सम्मान करना चाहिए, मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए, ग्रामीणों का दावा है कि इसके बाद स्कूल में ही मामला शांत हो गया था,
20 सितंबर को थाने पहुंची शिकायत, फिर 21 सितंबर को समझौते का दावा,
ग्रामीणों के अनुसार इसके बाद 20 सितंबर को बालक के पिता किसी के कहने पर छुरिया थाना पहुंचे और शिकायत की, जब गांव के लोगों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने बालक के पिता से इस संबंध में बात की,
ग्रामीणों का कहना है कि बालक के पिता ने उन्हें बताया कि वह किसी के बहकावे पर शिकायत करने थाने चले गए थे और अब इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहते,
इसके बाद ग्रामीणों के अनुसार बालक के पिता 21 सितंबर को गांव के अन्य लोगों के साथ छुरिया थाना पहुंचे, वहां शिक्षक राजेस नेताम भी मौजूद थे, ग्रामीणों का दावा है कि दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हुआ और शिकायतकर्ता द्वारा लिखित रूप से मामले में कोई कार्रवाई नहीं करने का निवेदन दिया गया, ग्रामीणों के अनुसार थाना परिसर में पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के लोगों ने साथ खड़े होकर फोटो भी खिंचवाई और सभी यह मानकर वापस लौट गए कि मामला समाप्त हो गया है,
22 सितंबर को अचानक FIR दर्ज होने से ग्रामीणों में नाराजगी,
उक्त बालक के पिता अनुसार 22 सितंबर को बालक के पिता को छुरिया थाना से फोन कर बुलाया गया, बालक के पिता के मुताबिक उन्हें बताया गया कि एक हस्ताक्षर बाकी है, जिसे करने के लिए आना है, जब बालक के पिता थाना पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि मामला आगे बढ़ चुका है और FIR दर्ज करनी पड़ेगी, बालक के पिता का कहना है कि उन्होंने पुलिस से कहा कि वे कोई कार्रवाई नहीं चाहते, इसके बावजूद शिक्षक राजेस नेताम के खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई और उन्हें FIR की पावती भी दे दी गई,
इसके बाद बालक के पिता द्वारा ग्रामीणों को FIR की पावती दिखाए जाने के बाद गांव में बैठक हुई और ग्रामीणों ने शिक्षक के पक्ष में खड़े होकर पुलिस कार्रवाई के विरोध में थाना पहुंचकर ज्ञापन देने का निर्णय लिया,
पांच ट्रैक्टरों में सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे थाना,
24 सितंबर को ग्रामीण पांच ट्रैक्टरों में सवार होकर बड़ी संख्या में छुरिया थाना पहुंचे, पुलिस प्रशासन को पहले से ग्रामीणों के थाना पहुंचने की जानकारी थी, मौके पर SDOP डोंगरगढ़ केसरी नंदन नायक पुलिस बल के साथ मौजूद थे, पुलिस की ओर से ग्रामीणों की भीड़ को थाना परिसर के अंदर जाने से रोकते हुए प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से बातचीत करने की बात कही गई,
थाना गेट पर ग्रामीणों को रोकने को लेकर माहौल गरमा गया,
इसी दौरान ग्राम पटेल चंदू साहू और SDOP केसरी नंदन नायक के बीच तीखी बहस भी हुई, बहस बढ़ने पर SDOP वहां से हट गए, जिसके बाद ग्रामीण थाना गेट के सामने ही बैठ गए,
ग्राम पटेल चंदू साहू ने उठाया सवाल, समझौते के बाद FIR क्यों?

मीडिया से बातचीत में ग्राम पटेल चंदू साहू ने कहा कि ग्राम पैरीटोला स्कूल में पदस्थ शिक्षक राजेस नेताम अच्छा शिक्षक है, उन्होंने कहा कि बालक, शिक्षक और परिजनों के बीच जो विवाद हुआ था, उसे आपसी तौर पर सुलझा लिया गया था,
ग्राम पटेल ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि 20 सितंबर को शिकायत हुई और 21 सितंबर को शिकायतकर्ता ने लिखित रूप से कार्रवाई नहीं चाहने की बात कही थी, तो फिर 22 सितंबर को शिकायतकर्ता की इच्छा के विरुद्ध FIR क्यों दर्ज की गई?
उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच करने और शिक्षक के खिलाफ की गई कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की,
बालक के माता-पिता ने भी कहा, हम कार्रवाई नहीं चाहते थे,

मीडिया के सवाल पर संबंधित बालक के माता-पिता ने भी कहा कि वे मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहते थे, उनके अनुसार उन्होंने इस संबंध में लिखित रूप से भी पुलिस को जानकारी दी थी, लेकिन इसके बावजूद शिक्षक के खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई,
यह बयान सामने आने के बाद ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई को लेकर और भी सवाल खड़े किए,
SDOP का पक्ष शिकायत मिली MLC रिपोर्ट में हल्की चोट का उल्लेख, इसलिए दर्ज हुई FIR

वहीं पूरे मामले में पुलिस का पक्ष भी सामने आया, मीडिया से बातचीत में SDOP डोंगरगढ़ केसरी नंदन नायक ने बताया कि 20 सितंबर को शिकायत प्राप्त हुई थी, शिकायत के बाद बच्चे का MLC (मेडिको-लीगल केस) के तहत चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया था,
SDOP के अनुसार MLC रिपोर्ट में बच्चे को हल्की चोट होने की बात सामने आई थी, इसी आधार पर शिक्षक के खिलाफ FIR दर्ज की गई,
ग्रामीण जहां समझौते और शिकायतकर्ता की कार्रवाई नहीं चाहने की बात को आधार बनाकर FIR पर सवाल उठा रहे हैं,
वहीं पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट में चोट का उल्लेख होने के आधार पर कानूनी प्रक्रिया के तहत FIR दर्ज की गई,
SDOP दोबारा ग्रामीणों के बीच पहुंचे, निष्पक्ष जांच का दिया भरोसा,
थाना परिसर के बाहर ग्रामीणों के प्रदर्शन और बातचीत के बाद SDOP केसरी नंदन नायक दोबारा ग्रामीणों के बीच पहुंचे, उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून सम्मत उचित कार्रवाई की जाएगी,
इसके बाद ग्राम पटेल चंदू साहू एवं ग्रामीणों ने अपनी मांगों का ज्ञापन SDOP को सौंपा और मामले में निष्पक्ष जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की,
अब जांच के निष्कर्ष पर टिकी निगाहें,
पैरीटोला के इस मामले में एक ओर ग्रामीण शिक्षक को निर्दोष बताते हुए FIR पर सवाल उठा रहे हैं और शिकायतकर्ता द्वारा कार्रवाई नहीं चाहने की बात सामने रख रहे हैं, वहीं पुलिस मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज किए जाने की बात कह रही है,
अब पूरे मामले में पुलिस की निष्पक्ष जांच के बाद सामने आने वाले तथ्य महत्वपूर्ण होंगे कि स्कूल में वास्तविक घटनाक्रम क्या था, शिकायत और समझौते के दौरान क्या-क्या हुआ तथा FIR दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया किन आधारों पर आगे बढ़ाई गई,