prahari news छुरिया – राजनांदगांव जिले के सबसे बड़े ब्लाक छुरिया मे एसटी-एससी की पोस्ट मैट्रिक बालिका छात्रावास नहीं होने से बहुत से होनहार बच्चे 10 वी के बाद अपना टीसी कटवा कर अपने सुविधा अनुसार किसी अन्य जगह जा रहे है या तो पढाई छोड़ रहे है, इसका कारण भी साफ़ है, इतने बड़े आदिवासी बाहुल्यता वाले ब्लाक मुख्यालय छुरिया मे सिर्फ प्री मैट्रिक एसटी-एससी बालिका के पचास – पचास सीटर छात्रावास है, इन पचास सीटर वाली दोनो छात्रावास मे 5 प्रतिशत अदर कास्ट के बच्चे भी शामिल है, याने एसटी एससी के 45 बच्चे 5 अन्य कास्ट के बच्चे दोनो छात्रावास में रहते है,
वही क्षेत्र के वनांचल क्षेत्रो व ग्रामो से छुरिया मुख्यालय में शिक्षण प्राप्त करने आये बालिकाए प्री मैट्रिक छात्रावास मे एडमिशन लेकर 6-वी से दसवी तक और 9-वी से 10-वी की पढाई करते है, लेकिन वही बच्चे जब 10-वी उतीर्ण कर 11-वी में जाती है तो पोस्ट मैट्रिक छात्रावास नहीं होने से उस छात्रा और उनके घर वालो के लिए एक बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है, कि छात्रा आगे कि पढाई कहा रहकर करे, ऐसे बड़ी समस्या को देखते हुए होनहार छात्रा की उनके घर वाले मजबूरन टीसी कटवा कर पढाई छोड़वा रहे है या तो किराये के मकान मे रखने मजबूर हो रहे, जो किसी भी छात्राओ के परिजन व अभिभावको के लिए भारी चिंता का विषय है,
एक तरफ बालिकाओ के लिए सरकार कहती है और भाजपा- कांग्रेस के नेता, मंत्री, विधायक कार्यक्रमो में नारे लगाते फिरते है, कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और दूसरी तरफ शिक्षण के लिए बेटियो के लिए आ रहे बाधाओ, छात्रावास के कारण आगे की पढाई के लिए इधर उधर भटक रहे बच्चो व टीसी कटाकर पढाई छोड़ रहे बच्चो की इस बड़ी समस्याओ पर ये नेता, मंत्री, विधायक कोई सुध नहीं ले रहे है,
वैसे तो अभिवाजित मध्यप्रदेश से छ.ग. बने 24 वर्ष होने को है, और खुज्जी विधानसभा की राजनीति का छुरिया ही एकमात्र केंद्र बिंदु है, राजनीति की बात करे तो यहाँ नेतागिरी सर चढ़कर बोलता है यहाँ दोनो दलो के नेता बड़े निर्माण व विकास कार्यो कि श्रेय लेने पीछे नहीं हटते, वही ऐसे कार्य जो अधूरे हो या नहीं हुए हो ऐसे मामलो पर एक दुसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने से भी पीछे नहीं रहते,
बहरहाल अब देखने वाली बात होगी कि कौन -कौन भाजपा – कांग्रेस के नेता छात्राओ की इस बड़ी समस्या को अपना समस्या समझ कब तक और कैसे नवीन पोस्ट मैट्रिक छात्रावास हेतु पहल करते है,