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👉 विभाग ने किया मूल्यांकन, सीईओ, बीईओ, बीएमओ, और परियोजना अधिकारी के हस्ताक्षर बाद मूल्यांकन पत्रक भी जारी, जिसके बाद जनपद की समिति ने दूसरे नं. वाली महिला को किया पहला,?

Prahri news, छुरिया – मामला ब्लॉक मुख्यालय के अंतिम छोर और महाराष्ट्र राज्य से लगे ग्राम बाघनदी ग्राम पंचायत घोरतलाव का है, जहा महिला एवं बाल विकास विभाग छुरिया द्वारा दिनांक 15/01/2024 को पत्र जारी कर आगनबाड़ी सहायिका भर्ती हेतु दिनांक 18/01/2024 से 01/02/2024 तक आवेदन आमंत्रित किए गए, जिसमे 1 शिल्फा उर्फ टिकेश्वरी, 2 रीना बाई, 3 कल्पना तीन महिलाओ ने सहायिका भर्ती हेतु आवेदन किया,
आवेदन पश्चात दिनांक 10/07/2024 को विभाग द्वारा आवेदित महिलाओ द्वारा दिए गए समस्त दस्तावेजों का जांच व मूल्यांकन कर अन्तिम मूल्यांकन पत्रक बनाया जिसमे ब्लॉक के सीईओ, बीईओ, बीएमओ, और परियोजना अधिकारी ने बकायदा हस्ताक्षर कर मूल्यांकन पत्रक जारी किया,
जारी मूल्याकन पत्रक मे……
आवेदिका नं. (1) शिल्फा उर्फ टिकेश्वरी को शैक्षणिक में 24 अंक विधवा 15 और जाति मे 10 गरीबी रेखा के 6 कुल – 55 अंक प्राप्त किया,
आवेदिका नं. (2) रीना बाई को शैक्षणिक में 33 अंक जाति मे 10 गरीबी रेखा के 6 कुल – 49 अंक प्राप्त किया,
आवेदिका नं. (3) कल्पना को महज जाति के 06 अंक ही मिले,
मूल्यांकन पत्रक के अनुसार आवेदिका शिल्फा उर्फ टिकेश्वरी जिसे दस्तावेज परीक्षण उपरांत सबसे ज्यादा 55 अंक प्राप्त है जिसकी चयन सहायिका के पद पर होना है,

इसी बीच जानकारी प्राप्त हो रहा है कि जनपद पंचायत छुरिया की महिला बाल विकास विभाग समिति द्वारा दूसरे नं. की महिला आवेदिका रीना बाई जिसका कुल अंक 49 है उसके नाम को पहले नं. पर कर सहायिका पद हेतु प्रस्ताव पारित कर दिए है,? और जल्द न्युक्ति देने का जानकारी आ रही है,

अब देखना ये होगा कि जिस अन्तिम मूल्यांकन पत्रक को जनपद पंचायत छुरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ब्लॉक के शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक के मेडिकल ऑफिसर और खुद ब्लॉक महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी द्वारा दिनांक 10/07/2024 को जांच परीक्षण कर जारी किया गया, उसे जनपद की समिति कैसे बदल सकता है, ?
अगर जनपद की समिति ने ऐसा किया है तो क्या ब्लॉक मुख्यालय के चारो मुख्य अधिकारी सीईओ, बीईओ, बीएमओ, और परियोजना अधिकारी ने बिना जांच पड़ताल के मूल्यांकन पत्रक मे हस्ताक्षर कर दिए,? और अधिकारियों ने सही मूल्यांकन किया है, तो जनपद समिति के सदस्यगण उसे गलत कैसे कर सकते है?,

इस मामले पर न्याय हो जिसके लिए गरीब विधवा महिला शिल्पा उर्फ टिकेश्वरी जिले के सांसद संतोष पांडे, पूर्व सांसद मधुसूदन यादव, सहित जिला कलेक्टर व जिला सीईओ को शिकायत व फरियाद लगाने पहुंच रही है?,

जिले के एक मुख्य अधिकारी ने कहा है कि मूल्यांकन पत्रक जारी होने के बाद अगर उसमे छेड़खानी हुआ है तो निश्चित ही दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही होगी,

बहरहाल इस मामले मे लेनदेन होने से इनकार नहीं किया जा सकता?, तभी तो 55 अंक प्राप्त करने वाली महिला को छोड़ 49 अंक प्राप्त करने वाली महिला का चयन करने की फिराक मे है,

By admin

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