प्रहरी न्यूज छुरिया – भाजपा मंडल गैदाटोला में दो दिवसीय संगठनात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है,
जानकारी अनुसार कल से जिले के कई बड़े नेताओं का आगमन प्रस्तावित है, इस कार्यक्रम में जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल राजपूत, पूर्व सांसद मधुसूदन यादव, महामंत्री सौरभ कोठारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दिनेश गांधी, वरिष्ठ भाजपा नेता एमडी ठाकुर, पूर्व जिला भाजपा उपाध्यक्ष चंद्रिका डडसेना, जिला भाजपा उपाध्यक्ष जगजीत सिंह भाटिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमति किरण वैष्णव, जनपद अध्यक्ष संजय सिन्हा सहित अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे,
बताया जा रहा है कि ये सभी नेता भाजपा मंडल गैदाटोला के कार्यकर्ताओं को आगामी चुनाव और संगठनात्मक रणनीति को लेकर प्रशिक्षण देंगे,
वर्तमान में नवरात्रि पर्व संपन्न हुआ है और इसके साथ ही प्रदेश में भाजपा सरकार के ढाई साल भी पूरे हो चुके हैं, ऐसे समय में गैदाटोला क्षेत्र की मूलभूत समस्याएं, विशेषकर सड़कों की बदहाल स्थिति, आज भी जस की तस बनी हुई है,

गैदाटोला, ब्लॉक मुख्यालय छुरिया के बाद दूसरा ऐसा प्रमुख कस्बा है, जो खुज्जी विधानसभा क्षेत्र के चारों दिशाओं को जोड़ता है, यहां से चार महत्वपूर्ण मार्ग निकलते हैं,
गैदाटोला से कुमर्दा चौकी रोड,
गैदाटोला से छुरिया ब्लॉक मुख्यालय मार्ग,
गैदाटोला से अरसीटोला, कोकपुर, डोंगरगांव रोड,
और गैदाटोला से बंजारी मार्ग,
इन चारों सड़कों की हालत जर्जर से अति जर्जर है, जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे ऐसे दिखाई देते हैं, मानो सड़क नहीं बल्कि सूखा तालाब हो, जिसकी जमीन फटकर सिर्फ गढ्ढे ही गढ्ढे दिखाई देता हो ऐसी स्थिति सड़क की हो गई है,

बावजूद इसके ढाई साल की सरकार में इन प्रमुख मार्गों पर न तो गिट्टी डाली गई और न ही मुरूम, इन खराब सड़को से क्षेत्रवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है,
ऐसा नहीं है कि क्षेत्र के लोगों ने सड़क निर्माण की मांग नहीं की, ग्रामीणों ने कई बार सांसद, मंत्री और विधायक सहित जनप्रतिनिधियों को इसकी सूचना शिकायत और मांग पत्र सौंपे हैं, लेकिन आज तक इन सड़कों की ओर किसी ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया, नतीजतन, चारों सड़कों की स्थिति दिन-ब-दिन और दयनीय होती जा रही है,
एक समय था जब कांग्रेस की सरकार थी, तब भाजपा नेताओं ने जोब खोभा सड़क चिरचारी मार्ग नवीनीकरण को लेकर उसी जर्जर सड़क मे पैदल यात्रा कर विरोध जताया, हाईवे पर चक्काजाम तक किया, अब जब खुद की सरकार है, तो क्या ये जर्जर सड़कें उन्हें नहीं दिखती?
जबकि इन रास्तों से रोजाना हजारों लोग आवागमन करते हैं, जिनमें जनप्रतिनिधि और उनके समर्थक भी शामिल हैं,
क्षेत्र के नेताओं की एक विशेषता यह भी रही है कि वे समस्याओं को लेकर ग्रामीणों के साथ राजधानी तक जाते हैं, फोटो खिंचवाकर समाधान का आश्वासन दिलाते हैं, लेकिन मांग पत्र सरकारी दफ्तरों में फाइलों की संख्या बढ़ाकर धूल खाते रह जाते हैं,
गैदाटोला क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से कई महत्वपूर्ण और ज्वलंत समस्याओं से जूझ रहे हैं, जिनमें प्रमुख रूप से चारों सड़कों का निर्माण और महाविद्यालय की स्थापना शामिल है,
अब सवाल यह उठता है कि कल से जो बड़े नेता गैदाटोला आ रहे हैं, क्या वे क्षेत्र की जनता से रूबरू होकर इन समस्याओं का जवाब देंगे, या फिर जनता ही इन नेताओं से सीधे सवाल पूछने भाजपा संगठन के प्रशिक्षण स्थान मे जाएंगे?
बहरहाल भाजपा की सरकार हो या कांग्रेस की दोनों ही सरकारों में गैंदाटोला क्षेत्र की इन रास्तों और प्रमुख समस्याओं का कोई समाधान नहीं हुआ, न नेताओ ने इस ओर ध्यान दिया, अब देखना है कि प्रशिक्षण देने आने वाले नेताओ, क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओ और स्थानीय ग्रामीणों के बीच उक्त समस्या पर क्या बातचीत होती है, या फिर समस्या आश्वासन में ही अटक जाएगा?