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छुरिया – राजनादगांव जिले के छुरिया थाना क्षेत्र मे नाबालिक प्रेमिका से मिलने पहुंचा नाबालिक प्रेमी का पुलिस द्वारा मारपीट का मामला लगातार तीन दिनो तक अखबारो मे सुर्खिया रही, पर इस मामले मे एक नया मोड़ आ गया है, दोनो नाबालिको के परिजन लड़के का पिता कन्हैया लाल चक्रधारी और लड़की का पिता दशरथ साहू, छुरिया थाना पहुंच कर एक इकरार नामा सौपा है, इकरार नामा मे परिजन नाबालिक प्रेमी प्रेमिका के पिता का कहना है कि हम दोनो एक दूसरे को जानते पहचानते है, साथ ही दोनो नाबालिको के प्रेम प्रसंग से भी अवगत है, और दिनांक 22 सितंबर को नाबालिक प्रेमी अपने नाबालिक प्रेमिका से मिलने छुरिया थाना क्षेत्र के गांव मे प्रेमिका के घर पहुचा था, जिसका पता गांव वाले को लग गया जो प्रेमिका के घर पहुंच गए, जिससे डर कर प्रेमिका के घर अंदर ही एक कमरे मे दोनो नाबालिक प्रेमी प्रेमिका आपस मे बंद हो गए, जो खुद प्रेमी प्रेमिका पुलिस की डायल 112 को फोन कर बुलाए, 112 पहुंचने पर ही प्रेमी प्रेमिका कमरे का दरवाजा खोले उस समय गांव के सौ से अधिक लोग घर के बाहर मौजूद थे, जिसे देख कर नाबालिक प्रेमी डर गया व भागने की कोशिश भी किया, जिससे वह गिर गया जिससे उसे हल्की व मामूली चोटे पहुची थी, 112 के जवानो ने अधिक भीड़ को देखते हुए दोनो प्रेमी प्रेमिका को थाने लेकर पहुंची थी,परिजन के इकरार नामा अनुसार दोनो का प्रेम संबंध की जानकारी परिजन रखते है, जिस कारण दोनो पक्ष किसी प्रकार की कार्यवाही नही चाह रहे थे, प्रेमिका के परिजन जो थाना मे उपस्थित था, जिसे नाबालिक प्रेमिका को सुपुर्द कर दिया गया, व प्रेमी के परिजन उपस्थित नही था, जिसे प्रेमिका के ही परिजन द्वारा प्रेमी के परिजन को फोन कर प्रेमी को घर ले जाने कहा गया, लेकिन प्रेमी के परिजन द्वारा छुरिया आने तुरंत वाहन की व्यवस्था नही हो पाने की बात कही गई, और प्रेमिका के परिजन को ही प्रेमी को सुपुर्द करने व थाने मे उपस्थित अरविंद साहू जो कि अंजोरा का रहने वाला है, जिसके साथ नाबालिक प्रेमी को भेजने की बात कही गई,

प्रेमी के परिजन द्वारा बताये अनुसार प्रेमी को सुपुर्दनामा पर दिया गया था, थाने से बाहर निकलने के बाद नाबालिक प्रेमी अरविंद साहू के साथ जाने से इंकार कर दिया, और अपने परिजनो को फोन कर लेने आने कहा गया, तब नाबालिक प्रेमी के पिता कन्हैया लाल छुरिया थाने के सामने से अपने पुत्र प्रेमी को अपने साथ ले गये, जो घर पहुँचने के पश्चात् तबियत खराब हो गई जिसे जिला अस्पताल दुर्ग मे भर्ती कराया गया था,

इकरार नामा अनुसार प्रेमी के पिता का कहना है नाबालिक प्रेमी का अबियत बिगड़ने व बेहोश होने के दौरान कारण का सही जानकारी नही से थाने मे मारपीट होने के संभावना पर एवं मीडिया के उकसावे पर गलत बयान बाजी हो गयी थी, मौके पर मै भी उपस्थित नही था, संभावनाओं के आधार पर बयान हुआ था,

पुलिस के द्वारा हम परिजनो के कहे अनुसार सुपुर्दनामा किया गया, नाबालिक प्रेमी से किसी प्रकार की मारपीट नही की गई थी, और दोनो प्रेमी प्रेमिका के परिजन किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नही चाहते थे,

इकरार नामा मे दोनो के परिजनो ने भविष्य मे किसी प्रकार के मीडिया मे बयानबाजी नही करने का भी उल्लेख किया है,

👉 नाबालिक प्रेमी जोड़ी के चक्कर मे नप गए टीआई, अब परिजनो के इकरार नामा से क्या होगा भाई,

दुर्ग के रसमडा से कुमर्रा छुरिया मिलने आया था नाबालिक प्रेमी, दोनो नाबालिको को गांव वाले प्रेमिका के घर ही घेर लिए, डरे सहमे नाबालिक प्रेमी जोड़ी ने पुलिस की 112 को फोन कर बुलाये, 112 के पुलिस जवानो ने दोनो नाबालिक प्रेमी जोड़े को थाने लेकर गई रात मे दोनो नाबालिको को परिजनो के हवाले किया गया, इस दौरान थाने मे क्या हुआ किसी को पता नही, दूसरे दिन खबर लगती है कि एक नाबालिक प्रेमी को पुलिस द्वारा बेदम पिटाई किया गया, और नाबालिक प्रेमी दुर्ग के हॉस्पिटल मे भर्ती है और गंभीर है, इतने मे और भी मिडिया सक्रीय होकर नाबालिक प्रेमी और उनके परिजन से घटना की सच्चाई जानने पहुंच गई, परिजन भी मिडिया से मुखातिफ होकर पुलिस पड़ताड़ना और नाबालिक से मारपीट की बात कही,
इतने मे ही राजनंदगांव जिले के कप्तान साहब छुरिया टीआई को तत्काल लाइन हाजिर कर दिए, ऐसा लगा की पुलिस कप्तान साहब कोई रिस्क लेना नही चाहते थे, और वो भी ऐसे समय मे जब कवर्धा जैसे जिले मे हुए बड़े कांड, के कारण सरकार ने एसपी कलेक्टर को हटा दिए, छुरिया टीआई के लाइन हाजिर बाद व 25 सितंबर दोपहर के पहले तक नाबालिक प्रेमी और उनके परिजनो से नेताओ का मिलना और सोसल मीडिया मे पुलिस बर्बरता की बात चलते रही, 25 सितंबर संध्या लगभग 7 बजे नाबालिक प्रेमी प्रेमिका के दोनो परिजन पिता ग्राम के कुछ अन्य लोगो साथ छुरिया थाना पहुच कर एक इकरार नामा पुलिस को सौपता है, जिसमे पुलिस पड़ताड़ना व मारपीट होने से इनकार है, और न ही इस मामले मे दोनो पक्ष कोई कार्यवाही चाहते हैं, ऐसे मे कहा जा सकता है नाबालिक प्रेमी जोड़ी के चक्कर मे नप गए टीआई, अब इकरार नामा से क्या होगा भाई,

👉 परिजनो द्वारा मीडिया के उकसावे मे हुई गलत बयानबाजी कहना गलत,

कोई भी मिडिया के साथी नही चाहता कि किसी पीड़ित या अन्य किसी व्यक्ति को उकसाये जिससे किसी की नौकरी किसी का मान सम्मान व पद प्रतिष्ठा जाए, मिडिया समाज मे एक आईने के रुप मे काम करती है जो गलत चीजो का न समर्थन करती है न किसी पर गलत होने देती है, नाबालिक प्रेमी की पिटाई मामले मे प्रेमी व परिजनो ने जो मिडिया को बताया वही मिडिया मे छपा और आया, इसके बाद भी नाबालिको के परिजनो द्वारा इकरार नामा पेश कर अपने कहे बातो से पीछा हट रही है तो इसमे मिडिया का क्या दोष, ऐसे मे अगर भविष्य मे इसी तरह की कोई घटना सामने आएगी तो मिडिया के साथी भी अपना कदम व कलम पीछे करेंगे, जिससे कईयो को इंसाफ मिलना मुस्किल हो जायेगा,

बहरहाल इस घटना पर कुछ सवाल है, नाबालिक पीड़ित प्रेमी से मिलने नेता और सवाल करने मिडिया के कुछ साथी पहुंचे सब ने प्रेमी का हालचाल जाना और घटना की जानकारी ली लेकिन किसी ने हॉस्पिटल के डाक्टर से नही पूछा कि आखिर नाबालिक को हुआ क्या था क्या दिक्कत थी,?

👉नाबालिक प्रेमी जोड़ी घर मे घिरने के बाद भीड़ व गांव वाले से बचने डायल 112 कर पुलिस की मदद मांगी जवानो ने सुरक्षित थाने पहुंचाया तो पुलिस कैसे मारेगी,?

👉 जिले के पुलिस कप्तान को टीआई का लाइन हाजिर करने की इतनी क्या जल्दी थी, साहब को क्या कवर्धा कांड वाला भय था,?

👉 प्रेमी व उनके परिजन ने मिडिया को पुलिस द्वारा मारपीट बताया फिर इकरार नामा पेश कर बदला क्यो क्या मामले की सेटिंग हो गई,?
ऐसे बहुत से और सवाल है लेकिन क्यो करना बवाल है, क्यूंकि मामला अभी शांत है,

By admin

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