छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल और उनके बेटे के ठिकानों पर आज सुबह ईडी ने छापा मारा है। प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन मामले से जुड़े कथित शराब घोटाले में कार्रवाई की है।

प्रहरी न्यूज दुर्ग- ईडी की टीम ने आज सोमवार की तड़के भिलाई स्थित भूपेश बघेल के निवास और चैतन्य बघेल के घर पर छापेमारी की है। इसके अलावा टीम अन्य कई स्थानों पर कार्रवाई कर रही है।
प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के बेटे के घर पर चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी कर रही है। ईडी कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छत्तीसगढ़ में 14 स्थानों पर छापेमारी कर रहा है।
छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल के घर पर ईडी की छापेमारी पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि ईडी पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पालतू कुत्ता बन गया है। वे इस कुत्ते को जहां चाहें भेज सकते हैं। भूपेश बघेल कांग्रेस के लिए एक मजबूत नेता रहे हैं। उन्होंने ये लड़ाई लड़ी है। कांग्रेस पार्टी और छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। हम सभी जानते हैं कि भाजपा और आरएसएस द्वारा बनाए गए ये फर्जी नैरेटिव हार जाएंगे।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर ईडी की छापेमारी पर कहा कि सभी जानते हैं कि कांग्रेस की सरकार में कई घोटाले हुए थे। इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी कर रही हैं। ईडी की जांच चल रही है और इसमें प्रदेश और बीजेपी का कोई दखल नहीं है।
भूपेश बघेल के आवास पर ईडी की छापेमारी पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव ने कहा कि इस बात से कोई कैसे इनकार कर सकता है कि भूपेश बघेल के कार्यकाल में बड़े घोटाले हुए हैं। ईडी की कार्रवाई लंबे समय से चल रही है। ऐसा नहीं है कि आज अचानक कोई कार्रवाई की गई है। ईडी लंबे समय से जांच कर रही है। जांच के दौरान उन्हें कुछ तथ्य और संदेह मिले होंगे। उसी के आधार पर ईडी ने यह कार्रवाई की है और अगर आपकी कोई भूमिका नहीं है, तो डरने या घबराने की कोई बात नहीं होनी चाहिए।
जानकारी के लिए बता दें कि पिछले सप्ताह सीबीआई की विशेष अदालत ने 2017 में दर्ज कथित सेक्स सीडी मामले में भूपेश बघेल को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया था। इस सीडी में कथित तौर पर भाजपा के एक पूर्व मंत्री की भूमिका है। अब इसके बाद सोमवार को भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के भिलाई (दुर्ग जिला) स्थित परिसरों, चैतन्य बघेल के कथित करीबी सहयोगी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल और कुछ अन्य के परिसरों पर भी धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत छापेमारी की गई। चैतन्य बघेल अपने पिता के साथ भिलाई में रहते हैं, इसलिए परिसरों की तलाशी ली जा रही है।
ईडी ने कहा कि चैतन्य बघेल पर शराब घोटाले का पैसा मिलने का संदेह है। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 14-15 परिसरों पर छापेमारी की जा रही है। प्रवर्तन निदेशालय ने पहले कहा था कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले के कारण राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ। शराब सिंडिकेट के लाभार्थियों की जेब में 2,100 करोड़ रुपये से अधिक की रकम भरी गई।
ईडी ने इस मामले में जनवरी में पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता कवासी लखमा के अलावा रायपुर के मेयर और कांग्रेस नेता एजाज ढेबर के बड़े भाई अनवर ढेबर, पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, भारतीय दूरसंचार सेवा (आईटीएस) अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी और कुछ अन्य को गिरफ्तार किया था। ईडी के अनुसार, मध्य भारतीय राज्य में कथित शराब घोटाला 2019 और 2022 के बीच हुआ था, जब छत्तीसगढ़ में सीएम बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी। इस जांच के तहत एजेंसी ने अब तक विभिन्न आरोपियों की लगभग 205 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।