प्रहरी न्यूज छुरिया राजनांदगांव – छुरिया मंडई मेला को लेकर वसूली के आरोपों और नगर पंचायत अध्यक्ष अजय पटेल पर लगाए गए आरोपों के बीच अब ऐसे तथ्य सामने आ रहे हैं, जो पूरे मामले को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हैं। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार मंडई मेला में सहयोग लेने की परंपरा वर्षों पुरानी है और इसका नगर पंचायत अध्यक्ष या किसी एक व्यक्ति से सीधा संबंध नहीं रहा है।
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी छुरिया मंडई मेला को लेकर नगर के प्रबुद्ध जनों, ग्राम पटेलों, मुखियाओं एवं नगर पंचायत के सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों जिनमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पार्षद शामिल रहते बैठक आयोजित करती है। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया जाता है कि देव कार्य एवं रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए मंडई में लगने वाले दुकानदारों से स्वेच्छिक सहयोग लिया जाना होता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सहयोग जबरन वसूली नहीं बल्कि वर्षों से चली आ रही सामाजिक परंपरा है, जिसे दुकानदार भी खुशी-खुशी देते आ रहे हैं। सहयोग एकत्र करने की जिम्मेदारी हर वर्ष अलग-अलग युवाओं की टीम को दी जाती है, जिससे किसी एक व्यक्ति या पदाधिकारी पर आरोप लगाना पूरी तरह अनुचित प्रतीत होता है।
चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि वसूली की शिकायत करने वाले भोजवानी साहू स्वयं एक वर्ष मंडई मेला के लिए दुकानदारों से सहयोग ले चुके हैं। ऐसे में उनके द्वारा वर्तमान में लगाए गए आरोपों को लेकर नगर में सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार भोजवानी साहू का आधार कार्ड सेंटर हाल ही में नगर पंचायत द्वारा यात्रियों की सुविधा को देखते हुए नया बस स्टैंड स्थित प्रतीक्षालय से हटाया गया था। इसके बाद ही मंडई वसूली को लेकर शिकायत सामने आना कई लोगों को संदेहास्पद लग रहा है। इसके अतिरिक्त, मंडई से ठीक दो दिन पहले 9 जनवरी को कुम्हार पारा के नागरिकों द्वारा तहसीलदार को भोजवानी साहू के खिलाफ लिखित शिकायत भी दी गई थी, जिसमें आधार कार्ड सेवाओं में अनियमितता और अधिक शुल्क वसूली के आरोप लगाए गए हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि की बात करें तो भोजवानी साहू नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव भी लड़ चुके हैं, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अजय पटेल के निर्वाचित होने के बाद भी उनके निर्वाचन पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। ऐसे में वर्तमान विवाद को राजनीतिक प्रतिशोध से जोड़कर देखा जा रहा है।
नगर के कई प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि अध्यक्ष अजय पटेल की छवि एक सक्रिय और जनहित में काम करने वाले जनप्रतिनिधि की रही है और मंडई मेला जैसे सामाजिक आयोजन को लेकर उन पर लगाए गए आरोप तथ्यहीन और दुर्भावनापूर्ण हैं।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर स्थानीय जनमत में यह स्पष्ट है कि परंपरागत सामाजिक आयोजन को राजनीतिक विवाद का रूप देना नगरहित में नहीं है।