धान खरीदी को लेकर छुरिया तहसील कार्यालय के सामने किसानों का धरना, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप,
प्रहरी न्यूज छुरिया।

वर्तमान में किसानों के समक्ष उत्पन्न हो रही परिस्थितियाँ बेहद चिंताजनक और शर्मसार करने वाली हैं। धान खरीदी को लेकर प्रशासनिक अव्यवस्था से आहत होकर टीपानगढ़ के दो किसान—परसराम गोंड एवं चंदू साहू—ने 21 जनवरी को छुरिया तहसील कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों किसान अपने निर्धारित टोकन दिनांक पर कुहीकला धान उपार्जन सोसायटी पहुँचे थे। वहाँ सोसायटी प्रबंधक द्वारा टोकन में दर्शाई गई मात्रा से कम धान खरीदे जाने की बात कही गई। किसानों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जब उनका रकबा और टोकन की मात्रा सही है, तो पूरी उपज क्यों नहीं ली जा रही। इसके बावजूद उनकी बात नहीं सुनी गई।
थक-हारकर किसानों ने तहसीलदार, पटवारी एवं नोडल अधिकारी को फोन कर स्थिति से अवगत कराया, लेकिन राजस्व अधिकारियों द्वारा कोई त्वरित पहल नहीं की गई। इससे आक्रोशित होकर दोनों किसान अपना धान ट्रैक्टर में भरकर सीधे शाम को तहसील कार्यालय छुरिया पहुँच गए।

मामले की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक श्रीमती छन्नी साहू एवं किसान नेता चंदू साहू भी तहसील कार्यालय पहुँचे और किसानों के समर्थन में धरने पर बैठ गए। किसानों ने तहसील कार्यालय के मुख्य गेट के सामने धान उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। देखते ही देखते क्षेत्र के अन्य प्रशासन से परेशान किसान भी मौके पर एकत्र हो गए।
स्थिति को संभालने के लिए छुरिया तहसील एवं राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुँचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान मौके पर ही समाधान की मांग पर अड़े रहे। किसानों ने स्पष्ट कहा कि यदि समाधान नहीं हुआ तो वे वहीं खाना बनाकर रात भर धरना देने को तैयार हैं।
किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था न बिगड़े, इसके लिए छुरिया टीआई अपने दल के साथ मौके पर मौजूद रहे। कुछ देर बाद डोंगरगांव एसडीएम भी तहसील कार्यालय पहुँचे और पूरे मामले की जानकारी लेकर समाधान का आश्वासन दिया। इस दौरान मौके पर मौजूद पत्रकारों ने भी अधिकारियों से किसानों के पक्ष में तीखे सवाल किए।
किसानों की ओर से एक गंभीर आरोप भी लगाया गया कि देशमुख नामक एक महिला पटवारी के स्थान पर उनके पति, जो पेशे से शिक्षक हैं, किसानों को फोन कर राजस्व कार्यों में हस्तक्षेप करते हैं। इस पर एसडीएम ने लिखित शिकायत देने को कहा, ताकि नियमानुसार जांच एवं कार्रवाई की जा सके।
किसान नेता चंदू साहू ने शासन-प्रशासन पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है और जबरन रकबा समर्पण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों को चोर समझा जाना घोर निंदनीय है।
अंततः एसडीएम और किसानों के बीच समाधान को लेकर सहमति बनने के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया।