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लेख – प्रहरी न्यूज…

छत्तीसगढ़ को कभी शांति, भाईचारे और सरल जीवन के लिए जाना जाता था। गांवों की चौपालों में आपसी प्रेम दिखाई देता था, शहरों में अपनापन था और समाज में मर्यादा। लेकिन आज वही प्रदेश कई गंभीर सामाजिक समस्याओं से जूझता दिखाई दे रहा है। नशे का बढ़ता जाल, छोटी-छोटी बातों पर हिंसा, अवैध गतिविधियां, तेज रफ्तार का जुनून, रिश्तों में अविश्वास और शासन-प्रशासन की उदासीनता ये सब मिलकर समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर रहे हैं।

आज प्रदेश के अनेक इलाकों में नशा एक गंभीर सामाजिक संकट बन चुका है। शराब और अन्य नशीले पदार्थों की गिरफ्त में आकर युवा पीढ़ी अपने भविष्य को अंधेरे में धकेल रही है। नशे में होने वाली मारपीट, घरेलू विवाद और आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कभी किसी परिवार का बेटा जेल पहुंच रहा है, तो कहीं किसी घर की खुशियां हमेशा के लिए खत्म हो रही हैं।

सड़क हादसे भी एक बड़ी चिंता बनते जा रहे हैं। युवाओं में ओवर स्पीड बाइक और कार चलाने का बढ़ता चलन कई परिवारों के लिए दुखद साबित हो रहा है। सड़कें मानो रफ्तार की दौड़ बन चुकी हैं और इसका अंत अक्सर किसी मासूम की असमय मौत में होता है। माता-पिता की आंखों के सामने उनके जवान बेटे हमेशा के लिए खो जाते हैं, और पीछे रह जाती है सिर्फ दर्द और यादें।

समाज को झकझोर देने वाली एक और समस्या है अवैध संबंधों और व्यक्तिगत विवादों के कारण होने वाली हत्याएं। जब रिश्तों में विश्वास और संयम खत्म होने लगता है, तो उसका परिणाम कई बार खून-खराबे के रूप में सामने आता है। यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि समाज की नैतिकता पर एक गंभीर प्रश्नचिन्ह है।

इन सबके बीच सबसे ज्यादा पीड़ित है आम आदमी, किसान, मजदूर, गरीब और मेहनतकश जनता। जब वह अपनी समस्या लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाता है, तो उसे अक्सर निराशा ही हाथ लगती है। भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण कई योजनाएं कागजों तक सीमित रह जाती हैं। गरीब की आवाज अक्सर फाइलों में दबकर रह जाती है।

आज समय आ गया है कि समाज खुद से सवाल करे क्या हम अपने युवाओं को सही दिशा दे पा रहे हैं?

क्या हम अपने परिवार और समाज की जिम्मेदारी समझ रहे हैं?

और क्या हमारा प्रशासन सच में जनता की सेवा के लिए काम कर रहा है?

यदि इन सवालों पर ईमानदारी से विचार नहीं किया गया, तो आने वाला समय और भी चिंताजनक हो सकता है। जरूरत है जागरूकता की, जिम्मेदारी की और एक ऐसे मजबूत सामाजिक संकल्प की जो नशे, हिंसा और भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ा हो सके।

छत्तीसगढ़ की असली पहचान उसकी सरलता, संस्कृति और भाईचारा है। अगर हमें अपने प्रदेश का भविष्य सुरक्षित रखना है, तो हमें मिलकर इन समस्याओं के खिलाफ आवाज उठानी होगी। क्योंकि जब समाज जागता है, तभी बदलाव की शुरुआत होती है।

मनभावन सिंह ऊइके – संपादक, प्रहरी न्यूज छत्तीसगढ़,

By admin

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