प्रहरी न्यूज छुरिया, राजनांदगांव, – छत्तीसगढ़ में हाल ही में अवैध हफ़ीम की खेती के लगातार हो रहे खुलासों ने पूरे प्रदेश में चिंता बढ़ा दी है।

पहले दुर्ग जिला के एक गांव में कई एकड़ जमीन पर हफ़ीम की खेती का मामला सामने आया, वहीं इसके बाद बलरामपुर जिला के एक गांव में लगभग तीन एकड़ भूमि पर हफ़ीम की अवैध खेती पकड़ी गई।
इन घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कहीं प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे अवैध कारोबार तो नहीं फल-फूल रहे।
इसी कड़ी में राजनांदगांव जिले के छुरिया ब्लॉक क्षेत्र की बड़ी-बड़ी सब्जी और टमाटर की बाड़ियों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
क्षेत्र के बम्हनी, बीजेपार, नदिया, पैरी और खोभा जैसे इलाको के गांवों में बड़े-बड़े फार्म हाउस और सब्जी की खेती लंबे समय से की जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार इन इलाकों में कई प्रभावशाली लोगों की सैकड़ों एकड़ जमीन मौजूद है, जहां सब्जी और अन्य फसलों का व्यवसाय किया जाता है।
चर्चा यह भी है कि बीजेपार क्षेत्र में किसी बड़े पुलिस अधिकारी से जुड़ी सैकड़ों एकड़ जमीन होने की बात कही जाती है, जहां लंबे समय से सब्जी-भाजी का कारोबार किसी के माध्यम से संचालित बताया जाता है।
वहीं बम्हनी क्षेत्र में भी किसी बड़े ओहदे वाले व्यक्ति की सैकड़ों एकड़ जमीन पर केला सहित अन्य फसलों की खेती होने की चर्चा है। गौरतलब है कि इसी बम्हनी क्षेत्र की जमीन से जुड़ा एक मामला पहले भी सामने आ चुका है, जिसमें केला की फसल उगाकर चना फसल का बीमा लिया गया और सरकार व बीमा कंपनी को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा। इस मामले में छुरिया थाना में एफआईआर दर्ज हुई थी और संबंधित आरोपी जेल भी जा चुके हैं।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जिस तरह दुर्ग और बलरामपुर में हफ़ीम की खेती का खुलासा हुआ,
उसी तरह छुरिया ब्लॉक के इन क्षेत्रों में भी जांच करने पर कोई बड़ा राज सामने आ सकता है?
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते इन बड़े फार्म हाउस और सब्जी बाड़ियों की निगरानी और जांच करे तो स्थिति साफ हो सकती है।
अब निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या जिला कलेक्टर, एसपी, एसडीएम और तहसील प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करेंगे या नहीं।
क्योंकि अगर समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दी गई तो आशंका है कि इस तरह के अवैध नशे के कारोबार में शामिल लोग पहले ही अपने बचाव की तैयारी कर सकते हैं।
ऐसे में जरूरत है कि प्रशासन तत्काल पहल करते हुए इन क्षेत्रों के बड़े फॉर्म हाउस, सब्जी टमाटर की बाड़ियों की गहन जांच कराए, ताकि अगर कहीं भी अवैध हफ़ीम की खेती या कोई अन्य अनैतिक गतिविधि हो रही हो तो उसका समय रहते खुलासा हो सके।