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यूपी के हाथरस में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां फुलराई गांव में साकार हरि बाबा का सत्संग चल रहा था।। सत्संग समाप्त होने के बाद यहां से जैसे भी भीड़ निकलना शुरू हुई तो भगदड़ मच गई। कार्यक्रम में शामिल होने आए 124 लोगों की इस हादसे में मौत हो गई।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर
सिकंदराराऊ स्टेशन पर ट्रेनों का खास ठहराव
रेल मंत्रालय ने कहा कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सिकंदराराऊ स्टेशन से गुजरने वाली सभी ट्रेनों पर 15 किमी प्रति घंटे की गति प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा, मथुरा-टनकपुर मेला स्पेशल, आगरा फोर्ट-कासगंज पैसेंजर स्पेशल और बांद्रा टर्मिनस अंत्योदय एक्सप्रेस जैसी कई ट्रेनों को यात्रियों की सुविधा के लिए सिकंदराराऊ स्टेशन पर अतिरिक्त स्टॉपेज के साथ-साथ ट्रेन मार्ग के अन्य स्टेशनों पर विशेष स्टॉपेज दिया गया है।
आयोजकों ने साक्ष्य छिपाए, शर्तों का उल्लंघन किया
एफआईआर में कहा गया है कि आयोजकों ने साक्ष्य छिपाए और शर्तों का उल्लंघन किया। हाथरस मामले में गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई है। सत्संग कार्यक्रम के मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर और अन्य आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 105, 110, 126(2), 223 और 238 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि आयोजकों ने अनुमति मांगते समय ‘सत्संग’ में आने वाले भक्तों की वास्तविक संख्या छिपाई। एफआईआर के मुताबिक आयोजन में ढाई लाख लोग आए थे जबकि आयोजकों ने 80 हजार लोगों के कार्यक्रम की अनुमति ली थी। इसके साथ ही आयोजकों की ओर से ट्रैफिक मैनेजमेंट का कोई इंतजाम नहीं था।
एफआईआर में कहा गया है कि भीड़ के दबाव के बावजूद, पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने हर संभव प्रयास किया और उपलब्ध संसाधनों से घायलों को अस्पतालों में भेजा और कहा कि आयोजकों और सेवादारों ने सहयोग नहीं किया। आयोजकों ने सबूत छिपाकर और श्रद्धालुओं की चप्पलें और अन्य सामान पास के खेतों में फसलों में फेंककर कार्यक्रम में आने वाले लोगों की वास्तविक संख्या को छिपाने की कोशिश की।
घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम
हाथरस दुर्घटना स्थल की जांच कर रहे फोरेंसिक यूनिट के एक सदस्य ने कहा, ‘यहां से इकट्ठा करने के लिए कोई विशेष चीजें नहीं हैं, यहां केवल भक्तों का सामान है जैसे जूते और बैठने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चादरें बस मिली हैं।’
लोग मरते गए बाबा के कारिंदे गाड़ियों से भागते रहे
भगदड़ के दौरान लोग मरते रहे और बाबा के कारिंदे गाड़ियों से भागते रहे। किसी ने भी रुककर हालात को जानने की कोशिश नहीं की। बताया जा रहा है कि यहां से बाबा का काफिला एटा की तरफ रवाना हु्आ था। बाबा के काफिले में 10 लग्जरी गाड़ियां थीं। उनका सुरक्षा दस्ता भी तीन गाड़ियों में था। घटना के बाद जब आयोजकों ने उन्हें फोन करने की कोशिश की तो किसी का भी फोन रिसीव नहीं हुआ। बाद में तो खुद बाबा का मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया था। जब बाबा का फोन स्विच ऑफ हुआ तो जो स्थानीय लोग आयोजन से जुड़े हुए थे वह भी मौका देखकर भाग निकले।
सीएम पहुंचे हाथरस
सीएम योगी आदित्यनाथ हाथरस पहुंच गए हैं, उन्होंने कहा है दोषियो पर होगी कड़ी कार्यवाही,
