प्रहरी न्यूज राजनांदगांव – जिले की भाजपा संगठन में इन दिनों अंदरखाने गहरी कलह और असंतोष की स्थिति बनती दिख रही है?
वर्तमान जिलाध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत से एक-दो नेताओं को छोड़कर अधिकांश वरिष्ठ नेता नाराज बताए जा रहे हैं?

संगठन में बढ़ती गुटबाजी ने पार्टी के अंदर सियासी तापमान को खतरनाक स्तर तक पहुंचा दिया है?
प्रदेश की राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी, राजनांदगांव विधानसभा से विधायक तीन बार के मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह जी के लिए, जहां उनकी वर्षों की राजनीतिक पकड़ को, संगठन की अंदरूनी नाराजगी चुनौती दे रही है?

चर्चा जोरों पर है कि डॉ. साहब अपने पुत्र अभिषेक सिंह के लिए राजनांदगांव विधानसभा सीट को सुरक्षित करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं?
लेकिन सवाल यह उठ रहा है…
क्या राजनीति के इतने बड़े धुरंधर भी संगठन की बगावत को नजरअंदाज कर रहे हैं?
सूत्र बताते हैं कि अपने चहेते चेहरों को संगठन में स्थापित करने की कोशिश में, कई पुराने और अनुभवी नेताओं की नाराजगी बढ़ी है, अब यही नाराजगी धीरे-धीरे बगावत का रूप लेती दिख रही है?
राजनीति का इतिहास गवाह है…
जब संगठन कमजोर होता है, तो सबसे मजबूत नेता की राजनीति और रणनीति भी लड़खड़ा जाती है,
राजनीति के धुरंधर कहे जाने वाले डॉ. साहब को संगठन में चल रही इस उथल-पुथल को गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि आज जो असंतोष अंदर है, वही कल आने वाले चुनाव के समय बड़ा संकट बन सकता है,
अब सबसे बड़ा सवाल यही है…
👉 क्या राजनीति के धुरंधर डॉ. रमन सिंह अपने ही संगठन की नाराजगी से घिर जाएंगे?
👉 क्या पुत्र के लिए तैयार की जा रही राजनीतिक विरासत, संगठन की कलह में फंस जाएगी?
बहरहाल राजनांदगांव की भाजपा संगठन और डॉ. साहब की राजनीति में उठता यह तूफान आने वाले दिनों में कितना सियासी, भूचाल लाएगी या समय रहते इसे ठीक कर लिया जाएगा, यह भी देखना होगा?